हेट स्पीच (घृणा भाषण) मामले में बाहुबली नेता और विधायक अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अब्बास अंसारी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने निचली अदालत द्वारा दी गई दो साल की सजा पर रोक लगाने और फैसले को रद्द करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट के जस्टिस समित गोपाल की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने की कोई ज़रूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने सभी साक्ष्यों और तथ्यों पर गंभीरता से विचार करते हुए अब्बास अंसारी को दोषी ठहराया है और उसे कानून सम्मत ही माना जाएगा।
गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट ने अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। उन पर आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले बयान दिए थे। उनके इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
अब्बास अंसारी की ओर से दलील दी गई थी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और सजा राजनीतिक द्वेष की भावना से दी गई है। लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
इस फैसले से अब्बास अंसारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि अगर जल्द ही उन्हें राहत नहीं मिली तो उनकी राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।
हेट स्पीच जैसे मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए अदालत का यह निर्णय एक महत्वपूर्ण संकेत है कि समाज में नफरत फैलाने वाली भाषा को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
➡️ मुख्य बिंदु:
अब्बास अंसारी की याचिका हाईकोर्ट से खारिज
ट्रायल कोर्ट की दो साल की सजा पर कोई रोक नहीं
जस्टिस समित गोपाल की एकलपीठ में सुनवाई
हेट स्पीच मामले में सख्त रुख
