February 7, 2026
Charming family home in Boise, ID with a modern facade and spacious garage.

लखनऊ में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। दस साल बाद राजधानी के सर्किल रेट में बदलाव किया गया है, और यह बदलाव मामूली नहीं, बल्कि 25 प्रतिशत तक की वृद्धि के साथ आया है। इसका सीधा असर जमीन, मकान और फ्लैट की कीमतों पर पड़ेगा।

क्या है सर्किल रेट और क्यों मायने रखता है?

सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर कोई संपत्ति सरकारी रिकॉर्ड में बेची या खरीदी जा सकती है। इसी रेट पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है। जब सर्किल रेट बढ़ता है, तो खरीददार को हर सौदे पर ज्यादा पैसा सरकार को देना पड़ता है, भले ही बाजार में प्रॉपर्टी की कीमत वही क्यों न हो।


📍 किस इलाक़े में कितनी बढ़ोतरी?

इलाकापुराना रेट (₹/Sq.m)नया रेट (₹/Sq.m)
गोमतीनगर₹33,000₹77,000
महानगर₹41,000₹65,000
इंदिरानगर₹35,000₹50,000
अलीगंज, अशोक मार्गबढ़े हुए, नई दरें जारी
वृंदावन योजना₹25,000₹28,000
अनंतनगर₹15,000₹18,000

कब से लागू होंगे नए रेट?

प्रशासन ने यह प्रस्ताव रखा है कि 1 अगस्त 2025 से नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे।
लेकिन उससे पहले आम जनता से 17 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियाँ मांगी गई हैं, जिन्हें 18-27 जुलाई के बीच निस्तारित किया जाएगा।


क्यों बढ़ाया गया सर्किल रेट?

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय कई वजहों से लिया गया है:

  1. किसानों की मांग: ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के दाम बढ़े हैं, लेकिन सर्किल रेट कम था।
  2. राजस्व वृद्धि: सरकार को रजिस्ट्रेशन से ज्यादा स्टांप ड्यूटी मिलेगी।
  3. वास्तविक मूल्यांकन: बाजार मूल्य के नजदीक सरकारी दर लाने की कोशिश।

इसका असर किस पर पड़ेगा?

  • मिडिल क्लास खरीददार: जिन्हें EMI और डाउन पेमेंट दोनों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
  • रियल एस्टेट सेक्टर: पहले से ही मंदी झेल रहे इस सेक्टर को ग्राहकों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
  • सरकारी खजाना: रजिस्ट्रेशन और टैक्स से आमदनी में इजाफा होगा।

विश्लेषण: यह कदम जरूरी था या जल्दबाज़ी?

सर्किल रेट में संशोधन कई वर्षों से लंबित था, लेकिन एक साथ 25% की वृद्धि ऐसे समय में की गई है जब देशभर में महंगाई चरम पर है और आम आदमी पहले से ही आर्थिक दबाव में है।

यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब लोग पहले से ही मकान खरीदने को लेकर असमंजस में हैं, और इससे रियल एस्टेट में निवेश और रफ्तार दोनों धीमे हो सकते हैं


🧾 क्या करना चाहिए?

  • सुझाव देना न भूलें: जिन लोगों को इस बदलाव से आपत्ति है, वे 17 जुलाई तक अपनी आपत्तियाँ जिला प्रशासन को भेज सकते हैं।
  • वित्तीय योजना दोबारा देखें: यदि आप घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन और स्टांप शुल्क को अब अपनी EMI योजना में शामिल करें।

सर्किल रेट में यह बढ़ोतरी प्रशासन की नज़र में राजस्व वृद्धि का रास्ता हो सकता है, लेकिन आम आदमी के लिए यह एक और आर्थिक बोझ है। सवाल यह नहीं है कि सरकार को पैसे की ज़रूरत है या नहीं, सवाल यह है कि क्या आम जनता इसके लिए तैयार है?


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *