
उत्तर प्रदेश के बारे में आम धारणा यह है कि यह देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के बावजूद आर्थिक रूप से पिछड़ा है। लेकिन इसी राज्य में एक ऐसा जिला है जिसने सबको चौंका दिया है। यह जिला न तो राजधानी लखनऊ है, न ऐतिहासिक आगरा और न ही औद्योगिक गाजियाबाद—यह है गौतम बुद्ध नगर।

गौतम बुद्ध नगर, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे आधुनिक शहर शामिल हैं, आज उत्तर प्रदेश का सबसे अमीर जिला बन चुका है। इसकी प्रति व्यक्ति आय 7.71 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से कहीं अधिक है, बल्कि जापान जैसे विकसित देश की औसत प्रति व्यक्ति आय (लगभग ₹6.65 लाख) से भी अधिक मानी जा रही है।
क्यों है गौतम बुद्ध नगर इतना समृद्ध?
- औद्योगिक हब: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आईटी कंपनियां, मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशंस और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की भरमार है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास: मेट्रो, एक्सप्रेसवे, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स ने इस जिले को निवेश के लिए सबसे उपयुक्त बना दिया है।
- रियल एस्टेट और स्टार्टअप्स: रियल एस्टेट क्षेत्र में तेज़ी और स्टार्टअप कल्चर ने स्थानीय रोजगार और आय में ज़बरदस्त वृद्धि की है।
- दिल्ली से निकटता: NCR में होने की वजह से यह जिला दिल्ली के लाभों को भी आकर्षित करता है।
अन्य जिलों से तुलना
जहां उत्तर प्रदेश के कई जिलों की प्रति व्यक्ति आय ₹1 लाख से भी कम है, वहीं गौतम बुद्ध नगर इस आंकड़े को कई गुना पीछे छोड़ चुका है। लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे बड़े शहर भी इस मामले में गौतम बुद्ध नगर से पीछे हैं।
क्या यह समृद्धि सब तक पहुंच रही है?

हालांकि जिले की औसत आय बहुत ऊंची है, लेकिन इसका लाभ समान रूप से सब तक पहुंच रहा है, यह कहना अभी मुश्किल है। आर्थिक असमानता, प्रवासी मजदूरों की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी अभी भी मौजूद है।